भारत-नेपाल सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में चल रही परियोजनाओं का प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भारतमाला परियोजना के तहत बनबसा क्षेत्र में निर्माणाधीन ड्राई पोर्ट (सूखा बंदरगाह), फोरलेन सड़क कनेक्टिविटी, पुल और एकीकृत चेक पोस्ट परियोजनाओं का जायजा लिया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच आयात-निर्यात तथा व्यापारिक आवागमन को अधिक सुगम बनाना है। साथ ही सीमांत क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
246 करोड़ से बन रही फोरलेन कनेक्टिविटी
सतपाल महाराज ने रविवार को भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-09 (पुराना एएच-125) के सीतारगंज-टनकपुर मार्ग का निरीक्षण किया।इस परियोजना के तहत जगबुड़ा पुल के समीप से बनबसा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा चेक पोस्ट तक करीब 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। परियोजना की लागत करीब 246.86 करोड़ रुपये बताई गई है। मंत्री ने मौके पर अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया।
368 करोड़ की एकीकृत चेक पोस्ट परियोजना
निरीक्षण के दौरान सतपाल महाराज ने बनबसा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (एकीकृत चेक पोस्ट) परियोजना का भी जायजा लिया। इस परियोजना की लागत करीब 368.28 करोड़ रुपये बताई गई है। भारत-नेपाल सीमा पर एकीकृत चेक पोस्ट और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित होने से सीमा पार आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ड्राई पोर्ट से व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
बनबसा-दोधारा चांदनी क्षेत्र में प्रस्तावित और निर्माणाधीन ड्राई पोर्ट को भारत-नेपाल व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ड्राई पोर्ट के माध्यम से सीमा पर माल की आवाजाही, आयात-निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है। निरीक्षण के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा ड्राई पोर्ट दोनों देशों के बीच व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीमांत क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इन परियोजनाओं का प्रभाव केवल सीमा व्यापार तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, चेक पोस्ट, परिवहन सुविधाओं और लॉजिस्टिक गतिविधियों के विस्तार से सीमांत क्षेत्रों में कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर परिवहन, लॉजिस्टिक्स, गोदाम, होटल, छोटे कारोबार और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर भी विकसित होने की संभावना है।
अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सतपाल महाराज ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक मानकों और तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
भारत-नेपाल सीमा के लिए अहम कनेक्टिविटी परियोजना
बनबसा भारत-नेपाल सीमा का एक महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग है। ऐसे में फोरलेन सड़क, पुल, एकीकृत चेक पोस्ट और ड्राई पोर्ट जैसी परियोजनाओं के विकसित होने से इस क्षेत्र में सड़क एवं व्यापारिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को भारत-नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने से जोड़कर देखा जा रहा है।