सज्जन कुमार की मौत पर शोक जताने पहुंचे BJP सांसद, AAP ने तरुण चुघ के घर के बाहर किया प्रदर्शन

1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मृत्यु के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करने पहुंचे भाजपा के तीन सांसदों को लेकर आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को अमृतसर के हाथी गेट स्थित राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हलका सेंट्रल के विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने भाजपा नेताओं के सज्जन कुमार की शोक सभा में पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। डॉ. गुप्ता ने कहा कि ऐसे व्यक्ति की मृत्यु पर भाजपा के तीन सांसदों का शोक सभा में पहुंचना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह 1984 के दंगों के पीड़ित सिख परिवारों के साथ खड़ी है या फिर ऐसे नेताओं के साथ, जिन्हें दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया।
AAP विधायक ने कहा कि 1984 के दंगों का दर्द आज भी पीड़ित परिवारों के जेहन में मौजूद है। ऐसे में दंगों से जुड़े मामले में दोषी व्यक्ति के प्रति सार्वजनिक तौर पर शोक व्यक्त करने को लेकर भाजपा को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि पार्टी का सिख समुदाय और 1984 के दंगों को लेकर वास्तविक रुख क्या है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों पर सिखों की हत्या और परिवारों को उजाड़ने से जुड़े गंभीर आरोप लगे और जिनके खिलाफ अदालतों में मामले चले, उनके संबंध में भाजपा को अपनी नीति साफ करनी चाहिए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और विधायक जीवनजोत कौर ने भी भाजपा पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि समय-समय पर भाजपा का पंजाब विरोधी चेहरा सामने आता रहा है। AAP नेताओं ने कहा कि 1984 के दंगों से जुड़े मुद्दे पंजाब और सिख समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं द्वारा सज्जन कुमार की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने को लेकर पार्टी को जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और इस पूरे मामले को लेकर अपना रोष जाहिर किया। पुलिस की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेताओं से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में 1984 के दंगों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा सांसदों के सज्जन कुमार की शोक सभा में पहुंचने को लेकर AAP के हमले से आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।




