उत्तराखंड में 2027 चुनाव की तैयारी तेज, BJP को घेरने के लिए कांग्रेस ने बनाई रणनीति; मुद्दों पर बढ़ेगी सियासी जंग

देहरादून:- उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटती नजर आ रही हैं। विपक्ष जहां सरकार को विभिन्न जन मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है, वहीं भाजपा कांग्रेस के आरोपों को लेकर पलटवार कर रही है।
कांग्रेस की रणनीति में एसआईआर, शुद्धिकरण, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई, पलायन और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुख बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पार्टी भाजपा विधायकों के कामकाज और उनके विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी जनता के बीच उठाने की तैयारी कर रही है।
विधायकों के कामकाज पर फोकस
विपक्ष का जोर केवल प्रदेश स्तर के मुद्दों तक सीमित नहीं रहने वाला है। कांग्रेस भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों, स्थानीय समस्याओं और कथित कमियों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का प्रयास है कि इन मुद्दों को चुनावी बहस का हिस्सा बनाया जाए।
भाजपा भी हमलावर
वहीं भाजपा कांग्रेस की तैयारियों और आरोपों को लेकर लगातार पलटवार कर रही है। सत्तारूढ़ दल अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है।
ऐसे में आने वाले समय में उत्तराखंड की सियासत में ‘उपलब्धियां बनाम नाकामियां’ का मुद्दा प्रमुख चुनावी बहस बन सकता है। हालांकि अंतिम तौर पर कौन से मुद्दे चुनाव का केंद्र बनेंगे, यह आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों की रणनीति और जनता के रुख से स्पष्ट होगा।




