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गुरुग्राम में बारिश के बाद सड़कें बनी तालाब, घंटों जाम में फंसे लोग

गुरुग्राम में हुई बारिश के बाद शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे, एक्सप्रेसवे और कई सर्विस रोड पर पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। सुबह दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और रोजाना सफर करने वाले हजारों लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। जलभराव के कारण कई दोपहिया और चार पहिया वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए। इससे पहले से धीमी चल रही ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और कई जगहों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई ऑफिस कर्मचारी समय पर अपने कार्यस्थल नहीं पहुंच सके, जबकि स्कूल बसों में बैठे बच्चों और अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की टीमें सुबह से ही प्रभावित इलाकों में तैनात रहीं। पुलिसकर्मियों ने मुख्य चौराहों और जलभराव वाले स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के साथ-साथ बंद पड़े वाहनों को हटाने और यातायात सामान्य करने का प्रयास किया। कई स्थानों पर पानी की निकासी का काम भी युद्धस्तर पर शुरू किया गया ताकि यातायात को जल्द बहाल किया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें। जलभराव वाले मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है ताकि अनावश्यक जाम से बचा जा सके।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गुरुग्राम में हर मानसून के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है। उनका आरोप है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे सहित शहर की कई प्रमुख सड़कों पर जल निकासी की व्यवस्था अब भी पर्याप्त नहीं है। थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें पानी से भर जाती हैं, जिससे हर साल लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम, देरी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। बार-बार सामने आ रही ऐसी स्थितियों ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम और शहरी बुनियादी ढांचे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी व्यवस्था को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मानसून के दौरान ऐसी समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

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