Dehradun Angel Chakma Murder: सात महीने से फरार मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस, नेपाल से प्रत्यर्पण की तैयारी तेज

देहरादून: राजधानी देहरादून के चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में करीब सात महीने बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले का मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये का इनामी यज्ञराज अवस्थी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद यज्ञराज अवस्थी नेपाल भाग गया था। इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब आरोपी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश और निगरानी का दायरा बढ़ गया है। पुलिस और संबंधित केंद्रीय एजेंसियां नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर आरोपी को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।
9 दिसंबर 2025 को हुआ था हमला
पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को त्रिपुरा के रहने वाले और देहरादून में MBA की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय एंजेल चकमा और उनके भाई पर सेलाकुई क्षेत्र में कुछ युवकों ने हमला किया था। हमले में एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब 17 दिनों तक उनका इलाज चला। इलाज के दौरान 26 दिसंबर 2025 को एंजेल चकमा की मौत हो गई। इसके बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
वारदात के बाद नेपाल भाग गया था मुख्य आरोपी
जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि घटना के बाद मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी देहरादून से फरार होकर नेपाल चला गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन वह लगातार गिरफ्त से बाहर रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बावजूद इसके करीब सात महीने बाद भी उसका पता नहीं चल पाया। अब इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद उसकी तलाश भारत तक सीमित नहीं रहेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संबंधित एजेंसियां उसकी पहचान और लोकेशन को लेकर कार्रवाई कर सकेंगी।
छह आरोपियों के खिलाफ हुई थी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को नामजद किया था। इनमें मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी के अलावा पांच अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, यज्ञराज को छोड़कर बाकी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल थे। बाद में किशोर न्याय बोर्ड की प्रक्रिया के तहत दोनों नाबालिगों को जमानत मिल गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कौन-कौन हैं मामले में आरोपी?
पुलिस के अनुसार मामले में नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
- अविनाश नेगी, पुत्र हरीश नेगी, निवासी सहसपुर, देहरादून, उम्र करीब 25 वर्ष।
- सूरज खवास, पुत्र अनिल खवास, मूल निवासी मणिपुर और वर्तमान निवासी पटेल नगर, देहरादून, उम्र करीब 18 वर्ष।
- सुमित, पुत्र प्यारेलाल, निवासी तिलवाड़ी, देहरादून, उम्र करीब 25 वर्ष।
- दो आरोपी नाबालिग, जिनके संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के तहत कार्रवाई हुई।
- यज्ञराज अवस्थी, निवासी कंचनपुर, नेपाल, उम्र करीब 22 वर्ष, मुख्य आरोपी और वर्तमान में फरार।
क्या होता है Red Corner Notice?
रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) इंटरपोल की ओर से जारी किया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है। इसका इस्तेमाल ऐसे वांछित व्यक्ति का पता लगाने के लिए किया जाता है, जिसके खिलाफ संबंधित देश में आपराधिक कार्रवाई या न्यायिक प्रक्रिया चल रही हो। हालांकि, रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। इसके जरिए इंटरपोल सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचना और समन्वय बढ़ाया जाता है। यदि किसी देश में संबंधित आरोपी की मौजूदगी का पता चलता है तो वहां के स्थानीय कानूनों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद भारत आरोपी को वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण सहित संबंधित कानूनी प्रक्रिया अपना सकता है।
नेपाल से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया होगी तेज
पुलिस का कहना है कि यज्ञराज अवस्थी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब उसकी तलाश में नेपाल और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। यदि आरोपी नेपाल या किसी अन्य इंटरपोल सदस्य देश में पाया जाता है तो वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के जरिए उसके खिलाफ स्थानीय कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके बाद भारत की ओर से आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
पुलिस को जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद
विकासनगर के सीओ अनुज कुमार के मुताबिक, यज्ञराज अवस्थी के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया है। इसके बाद संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और नेपाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।पुलिस का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की निगरानी बढ़ने के बाद उसके जल्द पकड़े जाने की संभावना बढ़ी है। एंजेल चकमा हत्याकांड में अब सबसे बड़ी चुनौती मुख्य आरोपी को भारत लाना है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद जांच एजेंसियों की कोशिश है कि नेपाल में उसकी मौजूदगी का पता लगाकर कानूनी प्रक्रिया के जरिए उसे भारत लाया जाए।



