UP Teachers Cashless Treatment: शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की योजना में तेजी, 5.40 लाख से ज्यादा लाभार्थियों की E-KYC पूरी

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर पंजीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को इस योजना का लाभ दिया जाना है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना की शुरुआत किए जाने के बाद अब तक 5.40 लाख से अधिक शिक्षक और उनके आश्रित ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल पात्र लाभार्थियों के करीब 45 प्रतिशत की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
12.89 लाख से अधिक शिक्षकों और आश्रितों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक और उनके आश्रित शामिल हैं। इनमें से अब तक 5,40,878 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को योजना का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो और अधिक से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण जल्द पूरा किया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा E-KYC
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना को लेकर प्रक्रिया सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। विभाग के अब तक 4,57,390 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी की जा चुकी है। बाकी पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को योजना से जोड़ने के लिए पंजीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया लगातार जारी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत ई-केवाईसी कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभागीय स्तर पर पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी जारी है अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी ई-केवाईसी का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। विभाग में कुल 1,47,543 पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाना है। इनमें से अब तक 65,754 शिक्षकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभाग स्तर पर बाकी पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी कराने की प्रक्रिया जारी है। सरकार का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा पात्र शिक्षक और उनके आश्रित समय रहते योजना की प्रक्रिया पूरी कराकर कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकें।
उच्च शिक्षा विभाग में भी बढ़ी रफ्तार
उच्च शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत 26 जुलाई को आगरा से की गई थी। योजना शुरू होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग में भी ई-केवाईसी का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक विभाग के 17,734 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह विभाग के कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है। कम समय में करीब आधे पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी होना योजना के प्रति शिक्षकों की भागीदारी को दर्शाता है।
शिक्षकों और आश्रितों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्देश्य प्रदेश के पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को चिकित्सा उपचार के दौरान कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के दायरे में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े पात्र शिक्षक और उनके आश्रित शामिल हैं। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ लाभार्थियों को योजना के तहत पंजीकृत किया जा रहा है। सरकार की ओर से विभागों को अभियान में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
योजना से जुड़ने के लिए E-KYC जरूरी
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों की ई-केवाईसी पूरी कराना महत्वपूर्ण है। इसी वजह से शिक्षा विभागों की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान आंकड़ों को देखें तो कुल 12.89 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों में से करीब 5.40 लाख की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। आने वाले दिनों में इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि योजना के दायरे में आने वाले सभी पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को जल्द से जल्द कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।



