जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर डीएम का छापा, ब्रांडेड दवाएं मिलने पर पूरा स्टॉक सील

जिला अस्पताल के प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने औचक निरीक्षण कर बड़ा एक्शन लिया। जांच के दौरान जन औषधि केंद्र में निर्धारित जेनेरिक दवाओं की जगह अन्य ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र में उपलब्ध सभी दवाओं का भौतिक सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में केंद्र में रखी सभी दवाओं को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल प्रशासन को केंद्र संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन औषधि (जेनेरिक) और अन्य ब्रांडेड दवाओं की अलग-अलग सूची तैयार कर उनके स्टॉक, खरीद और वितरण से संबंधित सभी अभिलेखों का मिलान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की दवा का वितरण नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जन औषधि केंद्र की वर्तमान संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि जन औषधि केंद्र के संचालन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि भविष्य में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके और ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। डीएम की इस कार्रवाई के बाद जिले के मेडिकल कारोबारियों और दवा विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



