राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सीएम धामी सख्त, कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों में विशेष अभियान के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी, समावेशी और जनहितकारी बनाने पर जोर दिया। बैठक में प्रदेश में ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) की समीक्षा की गई तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक बैंकिंग सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में यह अनुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां नियमित रूप से विशेष ऋण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि किसान, युवा उद्यमी, महिला स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार से जुड़े लोग तथा छोटे व्यवसायी आसानी से बैंक ऋण का लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक के दौरान बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में अपेक्षाकृत कम ऋण-जमा अनुपात पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों और अधिकारियों को इसमें शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाए और तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी अनावश्यक देरी के पहुंचना चाहिए। बैंकिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार, स्टार्टअप, कृषि, पर्यटन, एमएसएमई और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत बैंकिंग व्यवस्था प्रदेश के आर्थिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की आधारशिला है। सरकार बैंकिंग क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।




