हरियाणा

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद चानौत जल विवाद में नई उम्मीद

हांसी क्षेत्र के चानौत गांव में लंबे समय से चल रहे पेयजल विवाद को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। गांव के प्रतिनिधिमंडल की हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर मुलाकात हुई। इस बैठक में ग्रामीणों ने गांव की पेयजल समस्या और भाखड़ा पाइपलाइन से पानी उपलब्ध करवाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि चानौत गांव को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा और इसके लिए अलग से पाइपलाइन की व्यवस्था की जाएगी।

ग्रामीणों के अनुसार बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगाकर पानी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांव को पानी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अलग पाइपलाइन बिछाने पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक गांव तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।

बताया जा रहा है कि चानौत गांव के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि गांव से गुजर रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगाकर उनके जलघर तक पानी पहुंचाया जाए। इसी मांग को लेकर ग्रामीण पिछले कई सप्ताह से आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि जब पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है तो गांव को भी इसका सीधा लाभ मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में केवल पानी का मुद्दा ही नहीं बल्कि गांव के विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया कि चानौत गांव के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द ही विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने निकट भविष्य में स्वयं चानौत गांव का दौरा करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वह गांव पहुंचकर स्थानीय समस्याओं का प्रत्यक्ष रूप से जायजा लेंगे और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकता है।

हालांकि जल आपूर्ति के मुद्दे पर ग्रामीणों का रुख अभी पूरी तरह नहीं बदला है। गांव के लोगों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग अब भी भाखड़ा पाइपलाइन पर टी-कनेक्शन लगाकर पानी उपलब्ध कराने की है। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद अब ग्रामीण आसपास के गांवों और आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री से हुई बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन अंतिम निर्णय सामूहिक चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें गांव में होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आंदोलन को समाप्त किया जाए या फिर मांगों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखा जाए। फिलहाल मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद चानौत गांव के जल विवाद में समाधान की उम्मीद जरूर बढ़ी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार द्वारा प्रस्तावित नई पाइपलाइन योजना को ग्रामीण स्वीकार करते हैं या अपनी मूल मांग यानी टी-कनेक्शन पर ही कायम रहते हैं।

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