हरिद्वार जनपद में प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लक्सर तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। भूमि अधिग्रहण को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने 12 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, बैनामा, भूमि उपयोग परिवर्तन और नए निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से विकसित की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक बेहतर और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। परियोजना के पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। साथ ही हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेष भूमि अध्यापन अधिकारी आकाश जोशी के अनुसार, पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के शामली-पुवायां फेज-1 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस हाईवे के निर्माण से हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रशासन द्वारा जिन गांवों में प्रतिबंध लागू किया गया है उनमें मदारपुर, मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौड़ोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचंदवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया शामिल हैं। इन गांवों में भूमि से जुड़े किसी भी प्रकार के नए लेन-देन या निर्माण कार्य की अनुमति नहीं होगी। ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना से हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इसके अलावा होटल उद्योग, परिवहन क्षेत्र, वेयरहाउसिंग और स्थानीय व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संबंधित विभागों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल होगा। इसके निर्माण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, माल परिवहन को गति मिलेगी और आर्थिक विकास को नया आयाम प्राप्त होगा।