प्रियंका गांधी से मिलीं ज्योति रौतेला, उत्तराखंड चुनाव को लेकर हुई बड़ी चर्चा

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए Indian National Congress ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी बीच उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष Jyoti Rautela ने नई दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद Priyanka Gandhi Vadra से मुलाकात की। इस अहम बैठक के बाद उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ में हुई इस मुलाकात में उत्तराखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, महिला कांग्रेस संगठन की मजबूती, महिला शक्ति की भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व राज्य में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर लगातार फोकस कर रहा है।

प्रियंका गांधी को दिया देवभूमि आने का निमंत्रण

मुलाकात के दौरान ज्योति रौतेला ने प्रियंका गांधी को देवभूमि उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया। जिस पर प्रियंका गांधी ने सहमति जताते हुए उत्तराखंड दौरे के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रियंका गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस के चुनावी अभियान को नई धार दे सकता है।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

बैठक में प्रियंका गांधी ने चुनावी साल को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की। पार्टी का फोकस इस बार जमीनी मुद्दों और संगठनात्मक मजबूती के जरिए चुनावी माहौल तैयार करने पर बताया जा रहा है।मुलाकात के बाद ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व लगातार उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन विस्तार पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि पार्टी अगले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी एकजुटता के साथ तैयार है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार के कथित कुशासन और जन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। पार्टी अपने विजन और संगठनात्मक ताकत के दम पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी के संभावित उत्तराखंड दौरे की तैयारियों के बीच हुई यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तराखंड कांग्रेस अब महिला नेतृत्व, युवा भागीदारी और जमीनी मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट चुकी है।

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