पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आर्थिक अनुशासन और संयम अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन की बचत, गैर-जरूरी खर्चों में कटौती और घरेलू संसाधनों का अधिक उपयोग करना बेहद जरूरी है, ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक विदेश यात्राओं, डेस्टिनेशन वेडिंग और गैर-जरूरी खरीदारी से बचें। साथ ही उन्होंने कहा कि सोने की खरीद को फिलहाल टालना चाहिए और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल मीटिंग जैसी व्यवस्थाओं को फिर से जरूरत के अनुसार अपनाने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि ईंधन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आयात वस्तु है और इसकी बचत सीधे तौर पर देश की आर्थिक मजबूती और विदेशी मुद्रा संरक्षण में मदद करेगी। पीएम मोदी के अनुसार, वर्तमान वैश्विक हालात में हर नागरिक का छोटा योगदान भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इस बीच उद्योग जगत के कई बड़े नामों ने प्रधानमंत्री के इस आह्वान का समर्थन किया है।
टीवीएस मोटर के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और भारती समूह के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने इसे आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने स्पष्ट किया कि यह अपील विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है, न कि किसी प्रकार की पाबंदी के रूप में।
हालांकि इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल उठाते हुए इसे आर्थिक नीतियों की विफलता करार दिया है और सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया है।