शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आगामी चुनावों और प्रदेश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। शनिवार को पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जिला और हल्का प्रभारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें भविष्य के ‘रोडमैप’ को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा और मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर सहित कई दिग्गज मौजूद रहे।
फरवरी से शुरू होगा रैलियों का दौर
बैठक के बाद डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी अब पूरी तरह से ‘फील्ड’ पर उतरेगी। फरवरी महीने से एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत हर हफ्ते चार विधानसभा क्षेत्रों (हलकों) में रैलियां की जाएंगी। सुखबीर बादल ने सभी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनें और पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाएं।
कानून व्यवस्था और ‘आप’ सरकार पर हमला
सुखबीर बादल ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने हाल ही में रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में अमन-शांति खतरे में है और सरकार सुरक्षा मुहैया कराने में पूरी तरह विफल रही है। इसके साथ ही, उन्होंने 328 पावन स्वरूपों के मुद्दे पर कहा कि सरकार जानबूझकर SGPC के साथ टकराव पैदा कर रही है, लेकिन अब वह खुद बैकफुट पर है।
सेहत योजना और भाजपा से गठबंधन पर रुख
पार्टी ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को जनता को गुमराह करने का जरिया बताया। डॉ. चीमा ने आरोप लगाया कि इस योजना के पास कोई ठोस बजट नहीं है और इसकी आड़ में पंजाबियों का निजी डेटा चोरी किया जा रहा है।
वहीं, भाजपा के साथ गठबंधन की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए चीमा ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता संगठन को मजबूत करने की है। उन्होंने कहा, “चुनाव में अभी एक साल बाकी है, कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर ही कोई फैसला लिया जाएगा, हालांकि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।”