उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं। जालसाजों ने शातिर तरीके से पीड़ितों को अपने विश्वास में लिया और फर्जी दस्तावेजों या दूसरे की जमीन दिखाकर लाखों रुपये डकार लिए। नेहरू कॉलोनी और पटेल नगर पुलिस ने इन मामलों में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
पहला मामला: बैंक अधिकारी को विश्वास में लेकर ठगा
नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का शिकार एक बैंक अधिकारी हुए हैं। माजरा स्थित एक बैंक में कार्यरत सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2023 में उनके बैंक के खाताधारक विवेक बद्री ने जोगीवाला क्षेत्र में एक आकर्षक प्लॉट का सौदा बताया था। विवेक ने सूरत सिंह राणा नाम के व्यक्ति को मालिक बताकर सुनील से मिलवाया।
पीड़ित ने विवेक के झांसे में आकर 50 हजार रुपये नकद और फिर 5.5 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कुल 6 लाख रुपये लेने के बाद जब रजिस्ट्री की बारी आई, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और अंत में फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस ने विवेक बद्री, सूरत सिंह राणा और संजीव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दूसरा मामला: दूसरे की जमीन को अपना बताकर बेच डाला
दूसरा सनसनीखेज मामला पटेल नगर थाना क्षेत्र का है। पथरी बाग निवासी साक्षी ने जमीन खरीदने के लिए रौनक अली से संपर्क किया था। रौनक ने बिजनौर निवासी विनोद कुमार की करगी ग्रांट स्थित जमीन दिखाई और 8.5 लाख रुपये में सौदा तय कर दिया। जालसाजी की पराकाष्ठा यह रही कि आरोपियों ने 19 जून 2010 को रजिस्ट्री भी करा दी।
साक्षी को तब झटका लगा जब उन्हें पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई है, वह वास्तव में विनोद की थी ही नहीं, बल्कि किसी तीसरे व्यक्ति की थी। जब साक्षी ने पैसे वापस मांगे, तो रौनक अली गायब हो गया। पटेल नगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की अपील: ‘जांच-परख कर ही करें सौदा’
दोनों मामलों की जांच कर रहे थाना प्रभारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। साथ ही पुलिस ने आम जनता को सचेत किया है कि किसी भी प्लॉट या जमीन का सौदा करने से पहले राजस्व विभाग (Tehsil) से दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और केवल अधिकृत डीलरों के माध्यम से ही लेनदेन करें।