पंजाब में सरकार और प्रशासन द्वारा ‘चाइना डोर’ (चाइनीज मांझे) पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद, बसंत पंचमी के पावन पर्व पर इस जानलेवा डोर ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। राज्य के अलग-अलग जिलों, विशेषकर संगरूर और बठिंडा से दिल दहला देने वाले हादसे सामने आए हैं, जहाँ बेकसूर लोग इस प्लास्टिक डोर का शिकार होकर अस्पताल पहुँच गए हैं।
संगरूर: फ्लाईओवर पर गगनदीप का गला और उंगली कटी
संगरूर के सुनाम में एक युवक मौत को छूकर वापस लौटा है। मोहल्ला तरखाणा वाला का निवासी गगनदीप सिंह, जो पावरकॉम दफ्तर में बिजली की शिकायत दर्ज कराकर घर लौट रहा था, सुनाम फ्लाईओवर पर हादसे का शिकार हो गया। हवा में तैरती तेज धारदार चाइना डोर सीधे उसके गले में आकर लिपट गई। बचाव की कोशिश में गगनदीप के हाथ की उंगली कट गई और गर्दन पर इतना गहरा घाव आया कि वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत सिविल अस्पताल पहुँचाया।
बठिंडा: युवती के चेहरे पर आए गहरे निशान
वहीं, बठिंडा के मलोट रोड स्थित थर्मल ओवरब्रिज पर एक 24 वर्षीय युवती गुरप्रीत कौर इस खूनी मांझे की चपेट में आ गई। बाइक पर सवार गुरप्रीत जब अपने गांव दोदा जा रही थी, तभी अचानक मांझे ने उसके चेहरे को जकड़ लिया। हादसे में युवती की नाक और आंख की आइब्रो पर गहरे जख्म आए हैं। ‘नौजवान वेलफेयर सोसाइटी’ के वालंटियरों ने मौके पर पहुँचकर उसे सिविल अस्पताल भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।