उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवा देने वाले नर्सिंग स्टाफ ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आज निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले प्रदेशभर के हजारों नर्सिंग कर्मी आज राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। विरोध का स्तर इतना गंभीर है कि आंदोलनकारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ आज सामूहिक मुंडन कराने का फैसला लिया है।
भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप
नर्सिंग एकता मंच का स्पष्ट आरोप है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। आंदोलनकारियों के अनुसार, राज्य में 2500 से अधिक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के लिए सही रणनीति नहीं अपना रही है।
प्रमुख मांगें जिन पर फंसा है पेंच:
आंदोलनकारी नर्सिंग स्टाफ ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
- वर्षवार भर्ती: संगठन की सबसे बड़ी मांग है कि परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया को तुरंत रद्द कर ‘वर्षवार योग्यता’ (Seniority basis) के आधार पर भर्ती की जाए।
- स्थानीय को प्राथमिकता: राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों की भर्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उत्तराखंड के मूल निवासियों को अवसर दिया जाए।
- आयु सीमा में छूट: भर्ती में देरी के कारण जो अभ्यर्थी ‘ओवरएज’ (आयु पार) हो चुके हैं, उन्हें विशेष अवसर और आयु में छूट प्रदान की जाए।
सामूहिक मुंडन: विरोध का अनोखा तरीका
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वे बार-बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। इसलिए आज सामूहिक मुंडन करवाकर वे सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि स्वास्थ्य रक्षक अब अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे।