देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की लड़ाई अब एक नए पड़ाव पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ओर जहाँ अंकिता की स्मृति में नर्सिंग कॉलेज के नामकरण का ऐतिहासिक फैसला लिया है, वहीं दूसरी ओर नए ऑडियो साक्ष्यों के आधार पर विपक्ष के ‘दुष्प्रचार’ को बेनकाब किया है।
“दुष्प्रचार नहीं, न्याय है सर्वोच्च प्राथमिकता” — सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने वन मुख्यालय में मीडिया से रूबरू होते हुए साफ कहा कि कुछ राजनीतिक संगठनों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रदेश में अराजकता फैलाई। सीएम ने सवाल उठाया कि पहले के ऑडियो पर शोर मचाने वाला विपक्ष, अब सच्चाई (नए ऑडियो) सामने आने पर खामोश क्यों है?
“हमारी सरकार अंकिता के माता-पिता के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। हमने न केवल कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखा है, बल्कि सीबीआई जांच के हर पहलू का विधिक अध्ययन भी शुरू कर दिया है। न्याय देना हमारा धर्म है, राजनीति नहीं।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री