देहरादून: राजधानी के हृदय स्थल घंटाघर (Ghanta Ghar) के पास अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन और MDDA की संयुक्त टीम ने देर रात मूसलाधार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी मजार को जमींदोज कर दिया। मुख्यमंत्री धामी के ‘अतिक्रमण मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा।
कानून का डंडा: नोटिस के बाद ‘बुलडोजर’ एक्शन
यह कार्रवाई कोई अचानक की गई गतिविधि नहीं थी। प्रशासन के अनुसार, इस अवैध मजार को लेकर पहले ही कानूनी नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
“यह पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है। सरकारी संपत्ति पर किसी भी तरह का अवैध धार्मिक या निजी निर्माण स्वीकार्य नहीं है।” — प्रशासनिक अधिकारी
भारी सुरक्षा के बीच देर रात हुई कार्रवाई
किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। रात के सन्नाटे में जब बुलडोजर चला, तो अवैध निर्माण ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह कार्रवाई शहर के मुख्य केंद्र में होने के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।