देहरादून: ग्रामीण भारत की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘मनरेगा’ योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव के खिलाफ उत्तराखंड कांग्रेस ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर VB–G RAM-G किए जाने को कांग्रेस ने गरीबों के हक पर डाका बताया है।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने हुंकार भरते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को तोड़ने की एक गहरी साजिश है।
क्यों हो रहा है यह आंदोलन? (प्रेरणा और संघर्ष)
कांग्रेस का मानना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों का ‘काम का अधिकार’ है। जिस योजना ने कोविड काल में प्रवासियों को भूख से बचाया और ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली लाई, आज उसके अस्तित्व को बचाने के लिए सड़क पर उतरने का समय आ गया है।
“मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने तय किया है कि हम चुप नहीं बैठेंगे। हम हर गांव, हर पंचायत में जाकर इस सच्चाई को उजागर करेंगे कि कैसे गरीबों का रोजगार छीना जा रहा है।” — कुमारी शैलजा