हरिद्वार मेडिकल कॉलेज PPP मोड विवाद: भाजपा जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध जताया

हरिद्वार राजकीय मेडिकल कॉलेज को पीपीपी (Public-Private Partnership) मोड में संचालित करने के सरकार के फैसले का अब तक कांग्रेस, छात्र संगठन और सामाजिक संस्थाएं ही विरोध कर रही थीं। लेकिन अब इस विवाद में भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आ गए हैं।

विधायक और महापौर ने CM से मुलाकात की

बीते मंगलवार को रानीपुर के भाजपा विधायक आदेश चौहान और हरिद्वार नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में न दिया जाए, बल्कि इसे राज्य सरकार ही संचालित करे। इस आशय का ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि यह कॉलेज उत्तराखंड के छात्रों के लिए शिक्षा और आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कॉलेज निर्माण के लिए हरिद्वार नगर निगम ने निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई थी। यदि यह कॉलेज निजी हाथों में चला गया, तो एमबीबीएस की पढ़ाई महंगी हो जाएगी और आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी महंगी पड़ेंगी।

जनहित बनाम निजी प्रबंधन

आदेश चौहान ने कहा, “मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और राज्य के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इसे निजी हाथों में सौंपना जनहित के खिलाफ कदम होगा।” उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों और आम जनता की भावनाओं का सम्मान करे।

मुख्यमंत्री ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों भाजपा नेताओं की भावनाओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि अब तक कॉलेज को पीपीपी मोड में देने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों की राय को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *