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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक देश-एक चुनाव’ का किया समर्थन, बताया विकसित भारत की जरूरत

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक देश एक चुनाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव विकसित भारत के लिए बाधा बन रहा है।  एक देश-एक चुनाव को लेकर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव पांच साल में एक बार एक साथ कराए जाएं। बार-बार चुनाव होना विकसित भारत के निर्माण में बाधा बन गया है। कहीं न कहीं इसे रोकना होगा और इस पर लगाम लगानी होगी।

उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रीय हित के बारे में सोचना होगा। जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें सोचना चाहिए और संकल्प लेना चाहिए कि अब समय आ गया है कि एक साथ चुनाव हों। इससे देश को बहुत लाभ होगा। केंद्रीय मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सशस्त्र बलों की बहादुरी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मैं भारतीय सशस्त्र बलों के सटीक निशाने के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहता हूं। मैं हमारे नेतृत्व की सटीक रणनीति के प्रति सम्मान व्यक्त करना चाहता हूं। भारत एक शांतिपूर्ण देश है। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम किसी को उकसाएंगे नहीं। लेकिन अगर कोई हमें उकसाता है, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान तीन दिन के भीतर ही घुटनों पर आ गया और युद्धविराम की अपील करने लगा।  मगर एक बात स्पष्ट है कि आज भी हम आतंकवादियों को नहीं बख्शेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत केवल आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर ही होगी। इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होगा। कार्यक्रम को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से राष्ट्र पर वित्तीय बोझ काफी कम हो सकता है। शासन में सुधार हो सकता है, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकता है और विकास कार्यों, सार्वजनिक जीवन और प्रशासन में बार-बार होने वाले व्यवधानों को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं सभी युवाओं और बुद्धिजीवियों से जागरूकता फैलाने और पीएम नरेंद्र मोदी के परिवर्तनकारी सुधार का समर्थन करने का आग्रह करता हूं। हम सरकार से संपर्क करेंगे और एक देश एक चुनाव को जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

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