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प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने कहा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ समेत राज्य के सभी धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों को किया एक नई पहचान देने का प्रयास

केदारनाथ उपचुनाव को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने बताया कि उत्तराखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए गए विकास कार्यों ने केदारनाथ और राज्य के अन्य पवित्र धामों के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी है। इन प्रयासों के तहत राज्य में पर्यटन और धार्मिक स्थलों की सुविधाओं को व्यापक रूप से सुधारने का प्रयास किया गया है, ताकि न केवल श्रद्धालुओं बल्कि स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि केदारनाथ आपदा के बाद पुनर्निर्माण का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है, जिसमें प्रमुख मंदिर परिसर के आस-पास की संरचनाओं को पुनः स्थापित किया गया और अत्याधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया। इसके तहत, पैदल मार्ग को चौड़ा करने, सीवरेज, बिजली और पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे कार्य किए गए हैं। प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने बताया पुष्कर धामी सरकार ने श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा, रेल और सड़कों के कनेक्शन को भी प्रोत्साहित किया है। इस प्रयास के तहत रुद्रप्रयाग और केदारनाथ के बीच कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए सड़कों की मरम्मत और नए सड़क निर्माण का कार्य किया गया। साथ ही, विभिन्न स्टेशनों पर रहने की आधुनिक सुविधाएं और विश्राम गृह भी बनाए गए हैं। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए पुष्कर धामी सरकार ने विशेष प्रबंधन किया है। विशेष रूप से COVID-19 के बाद इस यात्रा को पुनर्जीवित करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन में सुधार किया गया है। इसके तहत जगह-जगह मेडिकल कैंप, एंबुलेंस सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। यात्रा मार्ग पर आपातकालीन आधारभूत ढाँचे को और सशक्त बनाया गया है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना के समय त्वरित सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि धामी सरकार ने चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जोर दिया है। बुकिंग की ऑनलाइन प्रणाली, ऐप्स और वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए आवश्यक जानकारी और टिकट बुकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री धामी का जोर न केवल भौतिक सुविधाओं के विकास पर है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी है। उन्होंने राज्य में कई धामों और पवित्र स्थलों के पुनरुद्धार के लिए योजनाएँ चलाई हैं, ताकि इन स्थानों की प्राचीन गरिमा और आकर्षण को बनाए रखा जा सके। इसके तहत, पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश प्रवक्ता ने केदारनाथ क्षेत्र के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर पर बोलते हुए कहा कि धामी सरकार के इन प्रयासों से न केवल पर्यटन में वृद्धि हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से स्थानीय व्यापारी, होटल व्यवसायी, गाइड और अन्य लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार ने क्षेत्रीय उत्पादों के विपणन और स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार देने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। सीएम धामी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक स्थलों के अलावा एडवेंचर टूरिज्म पर भी ध्यान दिया है, ताकि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद उठाने के लिए पर्यटक अन्य स्थानों पर भी जा सकें। इसके तहत, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण और ट्रैकिंग को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ समेत राज्य के सभी धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों को एक नई पहचान देने का प्रयास किया है। धामी सरकार का यह कदम राज्य को धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में उत्तराखंड पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकेगा।

 

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