मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है, धामी के कार्यकाल में उत्तराखंड प्रगति से लेकर विकास तक या कहे शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य इत्यादि क्षेत्रों में उत्तराखंड का नक्शा बदला है। कहते है हर किसी को अपने ग्रंथों, महाकाव्यों, संस्कृति, परपराओं, और अपनी लोककथाओं से जुड़े रहना चाहिए। आज कल के बच्चे इन महाकाव्यों से बिछड़ते जा रहे है, जिसको लेकर सरकार अहम कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री धामी को भी अपनी संस्कृति परंपराओं से बेहद लगाव है, साथ ही मुख्यमंत्री धामी पवित्र ग्रंथों पुस्तकों के बारे में भी काफी अच्छी जानकारी रखते है। वहीं हर एक त्यौहार को बड़े विधि विधान के साथ अपने परिवार के साथ मनाते है। जिससे यह मालूम होता है कि उनके दिल में अपने कल्चर को लेकर काफी सम्मान है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार अब देवभूमि के स्कूल स्लेबस में रामायण और महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथों को जोड़ा जाएगा। इन सभी को पुस्तकों के अध्याय में जुड़ने का एक अलग उद्देश्य है जिससे आज के विद्यार्थी ऋषि, मुनियों, धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों व पूर्वतों के बारे में जान सके, और आने वाले समय में अपनी पीढ़ि को अपने कल्चर से जोड़ सके।