पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए विजिलेंस लगातार मुहिम चला रही है। इसी कड़ी में गुरुवार 28 अगस्त को विजिलेंस टीम ने सतपुली के उपकोषाधिकारी कौशल कुमार को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र और सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
शिकायत से लेकर ट्रैप ऑपरेशन तक
यह मामला तब सामने आया जब सतपुली निवासी रविंद्र रावत ने देहरादून स्थित विजिलेंस मुख्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जून और जुलाई महीने में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण का लगभग 10 लाख रुपये का बिल पास कराने के एवज में उपकोषाधिकारी द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी। रविंद्र रावत के मुताबिक, अधिकारी ने उनसे प्रतिशत के आधार पर अवैध धन की मांग की थी और दबाव बनाया कि बिना पैसे दिए बिल पास नहीं होगा। शिकायत पर विजिलेंस ने जांच की और आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
किराए के मकान पर ली रिश्वत, मौके पर दबोचा गया
रणनीति के तहत शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी से संपर्क किया। उपकोषाधिकारी ने दफ्तर के बजाय शिकायतकर्ता को अपने किराए के मकान पर बुलाया, ताकि शक न हो। लेकिन जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम (₹8,000) अधिकारी को सौंपी, विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से नकद रकम बरामद कर ली गई और अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही उसके अन्य लेन-देन और पुराने मामलों की भी जांच की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में भी खौफ का माहौल है।
आम जनता ऐसे कर सकती है शिकायत
विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगता है, तो इसकी शिकायत सीधे विजिलेंस टीम को करें। इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- टोल फ्री नंबर: 1064
- व्हाट्सएप नंबर: 9456592300
- ईमेल: vighq_uk@nic.in
उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।