देहरादून/पौड़ी: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की दिशा में धामी सरकार ने एक और भावुक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी का नाम बदलकर अब ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज’ करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
यह निर्णय न केवल एक परिवार की मांग को पूरा करना है, बल्कि यह प्रदेश की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।
परिजनों की इच्छा और सीएम का संकल्प
अंकिता के माता-पिता ने लंबे समय से यह मांग रखी थी कि उनकी बेटी की स्मृति को जीवित रखने के लिए नर्सिंग कॉलेज का नाम उसके नाम पर रखा जाए। मुख्यमंत्री धामी ने इस पर मुहर लगाते हुए कहा:
“हमारी सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हमने उनकी मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी है। अंकिता को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
न्याय की ओर बढ़ते कदम
इस फैसले के पीछे का संदेश साफ है—संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बेटियों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नर्सिंग कॉलेज का यह नया नाम आने वाली पीढ़ियों को अंकिता के संघर्ष की याद दिलाएगा और समाज को जागरूक करेगा।