खुशियाँ कब मातम में बदल जाएं, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। तेलंगाना के मीर्जागुड़ा में तड़के सुबह एक ऐसा ही रूहानी हादसा हुआ, जिसने न केवल चार परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे छात्र समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
रफ्तार का जुनून और अनियंत्रित कार
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ICFAI यूनिवर्सिटी के पांच छात्र कोकापेट में एक बर्थडे पार्टी का जश्न मनाकर लौट रहे थे। सुबह का वक्त था और सड़क खाली देख कार की रफ्तार काफी तेज थी। मीर्जागुड़ा पहुँचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार सीधे सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। इस हादसे ने हमें एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि “धीमी रफ्तार, सुरक्षित परिवार” का नारा कितना महत्वपूर्ण है।
चार दोस्तों का सफर हमेशा के लिए थमा
इस हृदयविदारक हादसे में सूर्या तेजा, सुमित, निखिल और रोहित की मौके पर ही मौत हो गई। ये चारों छात्र अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे थे, लेकिन एक पल की चूक ने सब खत्म कर दिया। हादसे में एक छात्रा नक्षत्र गंभीर रूप से घायल हुई है, जो इस समय अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला।
सीख: युवाओं के लिए एक कड़ा संदेश
पुलिस की शुरुआती जांच में ‘ओवरस्पीडिंग’ (तेज रफ्तार) ही हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है। यह घटना हमें सिखाती है कि:
- जिंदगी अनमोल है: पार्टी और जश्न जरूरी हैं, लेकिन आपकी सुरक्षा सबसे पहले है।
- रफ्तार पर लगाम: सड़क पर आपकी थोड़ी सी लापरवाही दूसरों के लिए मातम बन सकती है।
- जिम्मेदारी: गाड़ी चलाते समय हमेशा होश और नियंत्रण बनाए रखें।