मोहाली: पंजाब में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मोहाली के विकास भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ की शुरुआत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति का दावा किया, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखे हमले कर चुनावी एजेंडा भी सेट कर दिया।
नशा और भ्रष्टाचार पर केजरीवाल का प्रहार: अरविंद केजरीवाल ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की जड़ों को खोखला किया है। उन्होंने सीधे तौर पर नशा तस्करी का मुद्दा उठाते हुए कहा, “जो नेता अपनी वीआईपी गाड़ियों में नशा सप्लाई करवाते थे, आज हमारी सरकार ने उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।” उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर दोबारा पुराने दलों को मौका मिला, तो पंजाब फिर से ‘काले दौर’ में चला जाएगा।
63 हजार नौकरियां और शिक्षा का नया मॉडल: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में बिना किसी सिफारिश के 63,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मान ने कहा कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों की हालत निजी स्कूलों से बेहतर हो रही है, जिसके कारण विदेशों में जाने वाले युवाओं का पलायन रुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पंजाबियों ने आम आदमी पार्टी को मौका देकर विपक्षी नेताओं की सियासी दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी हैं।”