केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। लेकिन इस बीच, हरिद्वार के चिड़ियापुर बॉर्डर पर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के काफिले को रोक लिया।
बॉर्डर पर घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा जानकारी के अनुसार, ज्योति रौतेला मंगलवार देर रात हल्द्वानी से हरिद्वार की ओर आ रही थीं। जैसे ही उनकी गाड़ी चिड़ियापुर बॉर्डर पहुंची, भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए और मौके पर ही भारी भीड़ जमा हो गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
ज्ञापन देने की थी योजना दरअसल, ज्योति रौतेला का उद्देश्य गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर उन्हें एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपना था। यह ज्ञापन रुद्रपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले और गिरधारी लाल साहू के हालिया बयान की जांच को लेकर था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनहित के मुद्दों को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है।
कांग्रेस का कड़ा विरोध महिला कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को सरासर ‘मनमानी’ बताया है। पार्टी का कहना है कि एक विपक्ष के नेता को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन देने से रोकना तानाशाही का प्रतीक है। फिलहाल, गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे जिले में अलर्ट जारी है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।