देहरादून (13 जनवरी): उत्तराखंड के खेतों में छाई मायूसी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। बारिश की कमी से फसलों को हो रहे नुकसान पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को तत्काल ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि संकट की घड़ी में किसान अकेला नहीं है।
सिर्फ राहत नहीं, अब होगा व्यापार! सरकार अब उत्तराखंड के उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुँचाने की तैयारी में है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाली टेस्टिंग लैब और इंटीग्रेटेड पैक हाउस का निर्माण इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा। साथ ही, प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को ‘रिवाइव’ कर आय का जरिया बनाना और कीवी, एप्पल व ड्रैगन फ्रूट मिशन को रफ़्तार देना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड का किसान अब ‘परम्परागत’ से ‘प्रोग्रेसिव’ खेती की ओर बढ़ रहा है।