एक पैराट्रूपर का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा! किश्तवाड़ के जंगलों में आतंकियों से लोहा लेते हुए जवान शहीद।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक बड़े मंसूबे को मिट्टी में मिला दिया है। ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक ऐसे गुप्त बंकर का पता लगाया है, जिसे पत्थरों की आड़ में बेहद चालाकी से छिपाया गया था।

बंकर में मिला ‘महीनों का राशन’ सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ (White Knight Corps) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह बंकर केवल छिपने की जगह नहीं बल्कि एक मिनी कंट्रोल सेंटर की तरह तैयार किया गया था। बंकर की तलाशी में जो सामान मिला, वह चौंकाने वाला है:

  • राशन: 10 किलो बासमती चावल, दाल के बोरे, 50 पैकेट मैगी (नूडल्स), गेहूं, बाजरा और आलू-टमाटर के क्रेट।
  • ईंधन: दो बड़े एलपीजी (LPG) सिलेंडर, बर्नर और भारी मात्रा में सूखी लकड़ियां। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकी यहां महीनों तक छिपकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

मुठभेड़ और जवान की शहादत 18 जनवरी 2026 से जारी इस गहन तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच सीधी मुठभेड़ हुई। घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया और अंधाधुंध गोलीबारी की। इस वीरगाथा में भारतीय सेना का एक जांबाज पैराट्रूपर गंभीर रूप से घायल होने के बाद शहीद हो गया। इस हमले में सात अन्य जवान भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

पाकिस्तान की नई साजिश: ‘ग्रुप में घूम रहे आतंकी’ खुफिया इनपुट्स के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2-3 पाकिस्तानी आतंकी चतरू के ऊपरी इलाकों में एक ग्रुप बनाकर घूम रहे हैं। ये आतंकी घने जंगलों और गुफाओं का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, भारतीय सेना ने उनके भागने के रास्तों को सील कर दिया है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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