उत्तराखंड की राजनीति में अपने नित नए खुलासों से भूचाल लाने वाली उर्मिला सनावर ने अब दिल्ली स्थित ‘उत्तराखंड सदन’ को अपने निशाने पर लिया है। उर्मिला ने सोशल मीडिया के जरिए सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश का यह प्रतिष्ठित सदन “अय्याशी का अड्डा” बन चुका है। इस बार उर्मिला ने केवल आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि सबूत के तौर पर कुछ तस्वीरें और ऑनलाइन पेमेंट के स्क्रीनशॉट्स भी साझा किए हैं, जिसने सत्ता पक्ष की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
“लड़कीबाजी के लिए खुला है सदन?”— उर्मिला का सीधा वार
उर्मिला सनावर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर का नाम लेते हुए गंभीर आरोप जड़े हैं। उर्मिला का दावा है कि:
षड्यंत्र और डकैती: उर्मिला ने आरोप लगाया कि उनके घर पर हुई डकैती और उनकी हत्या की साजिश में शामिल शालिनी आनंद नामक महिला को सुरेश राठौर और आरती गौड़ का संरक्षण प्राप्त था।
सदन में ठहरने के सबूत: उर्मिला ने साल 2025 की उत्तराखंड सदन की रसीदें साझा की हैं, जिसमें कथित तौर पर संदिग्ध व्यक्तियों के ठहरने की बात कही गई है।
डिजिटल सबूत: पोस्ट में ‘फोन पे’ (PhonePe) के जरिए किए गए भुगतान के स्क्रीनशॉट भी दिखाए गए हैं, जो कथित तौर पर पूर्व विधायक द्वारा किए गए थे।

सियासी गलियारों में सन्नाटा, जांच की मांग तेज
उत्तराखंड सदन को लेकर किए गए इस खुलासे ने बीजेपी और सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। जहां विपक्ष इस मुद्दे को लपकने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष के नेता फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
जांच का विषय: हालांकि उर्मिला के दावों और इन स्क्रीनशॉट्स की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन जिस तरह से साक्ष्य पेश किए गए हैं, उससे यह मामला ‘हनीट्रैप’ या ‘भ्रष्टाचार’ की ओर इशारा कर रहा है।
उत्तराखंड सदन की मर्यादा पर सवाल
दिल्ली में उत्तराखंड सदन प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता है। अगर वहां इस तरह की अनैतिक गतिविधियां हो रही हैं, तो यह राज्य की छवि पर गहरा दाग है। उर्मिला के इस “एटम बम” ने अब देहरादून से दिल्ली तक हलचल पैदा कर दी है।