उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के हजारों उपनल (Uttarakhand Purv Sainik Kalyan Nigam Ltd) कर्मचारियों के हित में एक ऐसा फैसला लिया है जिसे ‘ऐतिहासिक’ माना जा रहा है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने उपनल कर्मियों के लिए “समान काम के लिए समान वेतन” के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस फैसले के बाद प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, जताया आभार
कैबिनेट के इस बड़े फैसले के तुरंत बाद उपनल कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। कर्मचारियों ने फूलों के गुलदस्ते और आभार पत्रों के साथ मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह निर्णय केवल वित्तीय लाभ नहीं है, बल्कि दशकों से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। कर्मचारियों के अनुसार, इस फैसले से न केवल उनका मनोबल बढ़ा है, बल्कि भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।
कर्मचारियों के हितों के लिए संकल्पित है सरकार: CM धामी
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार “अंत्योदय” के सिद्धांत पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने मुख्य बिंदु साझा किए:
- महत्वपूर्ण कड़ी: उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में एक अनिवार्य भूमिका निभाते हैं।
- संवेदनशीलता: सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
- भविष्य की सुरक्षा: सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार उपनल कर्मियों के मान-सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठाने हेतु प्रतिबद्ध है।