उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तर रेलवे मुरादाबाद की मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्रीमती विनीता श्रीवास्तव के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और विशेष रूप से आगामी कुंभ मेला 2027 की रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया।
प्रमुख परियोजनाओं पर लिए गए फैसले:
- ऋषिकेश-डोईवाला बाईपास रेलवे लाइन: इस प्रोजेक्ट के रास्ते में आ रही 3.62 हेक्टेयर वन भूमि (राजाजी नेशनल पार्क) के मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए हैं। अब रेलवे, वन विभाग और राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारी संयुक्त सर्वेक्षण कर जल्द ही रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
- देहरादून-सहारनपुर टनल प्रोजेक्ट: देहरादून-मोहण्ड-सहारनपुर टनल आधारित रेलवे लाइन के लिए ‘फाइनल लोकेशन सर्वे’ करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टनल प्रोजेक्ट देहरादून और सहारनपुर के बीच की दूरी और समय को काफी कम कर देगा।
- हर्रावाला स्टेशन विस्तारीकरण: हर्रावाला स्टेशन को आधुनिक बनाने और इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए रेलवे से ‘मास्टर प्लान’ साझा करने को कहा गया है। इसके लिए जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर संयुक्त निरीक्षण करेंगे।
कुंभ मेला 2027 के लिए विशेष तैयारी: आगामी महाकुंभ के दौरान उमड़ने वाली करोड़ों की भीड़ को देखते हुए मुख्य सचिव ने सुरक्षा और यातायात पर जोर दिया। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हरिद्वार के जिलाधिकारी, SSP, मेलाधिकारी और जीआरपी (GRP) के साथ मिलकर एक एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करें। साथ ही, हरिद्वार रेलवे सुरंग के पास ‘ढलान स्थिरीकरण’ (Slope Stabilization) के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की भूस्खलन जैसी दुर्घटना से बचा जा सके।
बैठक में सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी समेत रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिससे शासन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद जगी है।