उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया था। लेकिन राहत की बात यह है कि सरकार और प्रशासन लगातार युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं।
1747 सड़कें हो चुकी हैं सुचारू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जानकारी दी कि प्रदेश की 1747 सड़कों को फिर से खोल दिया गया है, जबकि करीब 80 सड़कों पर काम अभी भी जारी है। यानी कि 95.62 प्रतिशत मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है। इससे लोगों की आवाजाही और आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक सामान्य हो गई है।
समय पर संसाधन तैनात करने से मिली राहत
सीएम धामी ने बताया कि जहां-जहां मलबा आने की संभावना थी, वहां पहले से ही जेसीबी मशीनें और अन्य संसाधन तैनात किए गए थे। इसका नतीजा यह हुआ कि सड़क बंद होते ही तुरंत काम शुरू हो गया और मार्गों को तेजी से खोला गया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था तभी संभव हुई जब अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि “सड़क बंद होते ही तुरंत कार्रवाई की जाए।”
आम जनता को मिली बड़ी राहत
लंबे समय से बारिश और भूस्खलन के कारण गांव-गांव में लोग परेशान थे। कई जगह मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी, वहीं जरूरी सामान और खाद्यान्न की आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी। अब धीरे-धीरे सड़कों के खुलने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण इलाकों में भी अब हालात सामान्य होने लगे हैं।
सीएम धामी खुद कर रहे हैं निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वे खुद आपदा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। वे राहत-बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा बैठकें भी कर रहे हैं ताकि किसी भी स्थान पर जनता को परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।