मुख्य समाचार: एक रिहायशी मकान से शुरू हुई मामूली आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आकर पूरा बाजार जलकर खाक हो गया। एलपीजी सिलेंडरों के धमाकों ने आग में घी का काम किया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे में एक 8 साल की बच्ची की जान चली गई है, जबकि 4 बच्चों समेत 8 लोग अब भी लापता हैं।
हादसे की भयावहता: जब तबाही ने मचाया तांडव
- सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी मुश्किल: आग लगने के बाद घरों में रखे गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे दमकल कर्मियों के लिए आग पर काबू पाना लगभग नामुमकिन हो गया।
- खोज और बचाव अभियान: पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थानीय लोगों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।
- बर्बादी का मंजर: छह से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं और बाजार का एक बड़ा हिस्सा अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है।