अंकिता भंडारी केस: सीएम धामी का अब तक का सबसे बड़ा बयान, कहा– ‘षड्यंत्रकारियों को जनता से मांगनी होगी माफी’

अंकिता भंडारी केस: “षड्यंत्र करने वालों को मांगनी होगी माफी” – सीएम धामी का बड़ा प्रहार!

देहरादून: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की राह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक निर्णायक रुख अपनाया है। अंकिता के परिजनों से संवेदनशील मुलाकात के बाद, सीएम धामी ने न केवल न्याय का भरोसा दिया, बल्कि प्रदेश के माहौल को खराब करने की कोशिश करने वाले तत्वों को भी आड़े हाथों लिया।

न्याय की आंच और सरकार का संकल्प

सीएम धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार कानून की हर एक जांच और साक्ष्य पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर रही है। उन्होंने कहा, “अंकिता हमारी अपनी बेटी है, और उसे न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच के हर पहलू का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”

‘भ्रम के जाल’ और विकास पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में उन लोगों की आलोचना की जो पिछले 15 दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैला रहे थे। सीएम ने कहा कि इस प्रकरण की आड़ में न केवल जनता को गुमराह किया गया, बल्कि राज्य की विकास योजनाओं की गति को रोकने का भी कुत्सित प्रयास हुआ।

“राजनीति के लिए बेटियों के नाम का इस्तेमाल करने वालों को प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।” — सीएम धामी


वायरल ऑडियो: साजिश का पर्दाफाश?

इस मामले में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के कथित ऑडियो ने नया मोड़ ला दिया है। सीएम धामी ने इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह से ये ऑडियो बाहर आ रहे हैं, उससे साफ है कि यह न्याय की लड़ाई नहीं बल्कि एक गहरा षड्यंत्र है।

  • जनता से माफी की मांग: सीएम ने स्पष्ट कहा कि उर्मिला और सुरेश के कारण प्रदेश का शांत माहौल खराब हुआ है, इसलिए उन्हें उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
  • बीजेपी नेता को फंसाने की साजिश: नए वायरल वीडियो/ऑडियो में सुरेश राठौर द्वारा कथित तौर पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को फंसाने की बात सामने आई है। यह साक्ष्य मामले को अब ‘राजनीतिक साजिश’ की ओर मोड़ रहा है।

निष्कर्ष: सच की जीत और न्याय का अटूट विश्वास

उत्तराखंड की जनता अब समझ चुकी है कि कौन न्याय के साथ खड़ा है और कौन अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। मुख्यमंत्री का यह बयान दर्शाता है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। सरकार की मुस्तैदी और जनता का जागरूक होना ही अंकिता को सच्चा न्याय दिलाएगा।

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