
देहरादून: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सोमवार को देहरादून में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के स्वाभिमान, सम्मान और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। यात्रा में बड़ी संख्या में आम नागरिक, युवा और विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
इन्द्रमणि बडोनी और बाबा साहेब अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
तिरंगा यात्रा से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर स्थित उत्तराखंड आंदोलन के महानायक स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने वाले महापुरुषों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।
‘तिरंगा राष्ट्र गौरव का उत्सव’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तिरंगा यात्रा राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश के वीर जवानों ने तिरंगे की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को हमेशा प्रतिबद्ध रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के बढ़े मनोबल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने दुनिया के सामने अपनी सामरिक क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।
उत्तराखंड को बताया ‘देवभूमि’ के साथ ‘वीरभूमि’
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के सैनिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के बड़ी संख्या में परिवारों का कोई न कोई सदस्य देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि सैनिक परिवारों को सम्मान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके हितों से जुड़े विषयों पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए।
20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित होने का दावा
तिरंगा यात्रा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जबकि प्रदेश में स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के मामले में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। सख्त कानूनों का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न कानूनों और नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की। उन्होंने कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया गया है।
सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। उनके अनुसार, प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था को मजबूत करना है।
34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कहा कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें ‘नौकरी देने वाला’ बनाना भी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना और पर्यटन नीति समेत कई योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा फहराने की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा जरूर फहराएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना केवल स्वतंत्रता दिवस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हमेशा अपने जीवन में बनाए रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिकों के बीच राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।



